भूखों को खाना खिलाने का सवाब
बिस्मिल्लाहिर्रहमानीर्रहीम
अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह बरकातहु
| Iqbal Ahmad |
एक हदीस में अल्ला का इरशाद मौजूद है कि कयामत के दिन अल्ला ताला अपने बन्दे से इरशाद फरमायेगा कि ऐ मेरे बन्दे मै भूखा था तुमने मुझे खाना नही खिलाया। इस पर बन्दा अर्ज करेगा कि ऐ मेरे रब आप भूखे कैसे रह सकते हैं। आप तो रब हैं? तो अल्ला इरशाद फरमाएगा कि दुनिया में मेरा फला बन्दा भूखा था अगर तू इसको खाना खिलाता तो मुझे इसके पास पाता।
सहीय बुखारी में सय्यदना अब्दुल्लाह बिन उमर रजि0 के बारे में आया है कि आप उस वक्त तक खाना नही खाया करते थे जब तक कोई मिश्कीन तलाश करके उसे अपने साथ खाने पर न बिठाते। इस हदीस से वाजेह है कि अमल के लिहाज से उसका कैसा भी ईमान हो भूखा है तो खाना खिलाना ही चाहिए हां अगर किसी जुर्म का आदी हो तो उसे खिलाना, पिलाना और मदद करना बेहतर नहीं क्योंकि खा पीकर जुर्म व गुनाह ज्यादा करेगा। जमीन में फसाद करेगा। इस बारे में रसू0 स0 का इरशाद है कि मोमिन (कामिल) के अलावा दूसरे किसी को अपना दोस्त मत बनाओ और मुत्तकी के अलावा दसरे किसी को अपना खाना मत खिलाओ। (तिर्मिजी, अबूदाउद, मसनद इमाम अहमद)
किसी प्यासे को पानी पिलाना या भूखे को खाना खिलाना एक बड़ी नेकी है। यह अमल अल्लातआला को इतना पसन्द है कि बाज लोगों की निजात और मग्फिरत के लिए इनकी यही नेकी सबब बन सकती है।
रसू0 स0 ने बनी इसराइल की एक फाहिशा औरत का जिक्र किया कि इस फाहिशा औरत ने एक प्यासे कुत्ते को पानी पिलाया जिस पर इसकी मग्फिरत कर दी गई। (बुखारी व मुस्लिम) फिर सोचो किसी इन्सान की मदद करना कितना अल्ला को पसन्द आयेगा।
इन्शा अल्ला आप लोगो तक जानकारी पहुंचाने की यह कोशिश कामयाब रही होगी फिर भी कोई गलती मिले तो हमें फौरन Comment में इस्लाह करें ताकि अवाम तक सही जानकारी पहुंच सके। और आप भी नेकी के हकदार बने।
आपका भाई 一 इकबाल अहमद
