नबी सल्ल० और तरबूज़
बिस्मिल्लाहिर्रहमानीर्रहीम
अस्सलाम अलैकुम व रहमतुल्लाह बरकातहु
नबी सल्ल० और तरबूज़
तरबूज़ को कौन नहीं जानता। तरबूज़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के पसंदीदा फलों में से एक था। तरबूज़ में तकरीबन 90 से 95% पानी होता है और तकरीबन 6% से ज्यादा चीनी होती है। इसमें विटामिन ए, बी, और सी और थोड़ी मात्रा में वसा और प्रोटीन होता है जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) तरबूज़ के साथ खजूर खाते और फ़रमाते , “खजूर की गर्मी तरबूज़ की ठंडक को बेअसर कर देती है; तरबूज़ की ठंडक खजूर की गर्मी को बेअसर कर देती है।” नीचे हदीस मौजूद है।
नबी अकरम (सल्ल०) ताज़ा खजूर के साथ तरबूज़ खाते थे। इमाम तिरमिज़ी कहते हैं : 1- ये हदीस हसन ग़रीब है। 2- कुछ लोगों ने इसे (عن هشام بن عروة عن أبيه عن النبي صلى الله عليه وسلم) की सनद से मुरसलतरीक़ से रिवायत की है। इस में आयशा के वास्ते का ज़िक्र नहीं किया है। यज़ीद-बिन-रूमान ने इस हदीस को उरवा के वास्ते से आयशा से रिवायत की है। 3- इस सिलसिले में अनस से भी रिवायत है। (तिरमिज़ी 1843, अल-सिलसिला 862)
आयशा (रज़ि०) ने बयान किया कि रसूलुल्लाहﷺ तरबूज़
और ताज़ा खजूर मिलाकर खाया करते थे और फ़रमाते: हम इस (खजूर) की गर्मी
का उस (तरबूज़) की ठंडक से और इसकी ठंडक का उसकी गर्मी से तोड़ करते
हैं। (अबूदाऊद 3836)
हज़रत सहल-बिन-सअद (रज़ि०) से रिवायत है, उन्होंने फ़रमाया : रसूलुल्लाहﷺ तरबूज़ के साथ ताज़ा खजूरें खाते थे। (इब्ने माज़ा 3326)
हज़रत आयशा (रज़ि०) से रिवायत है कि नबी (सल्ल०)
खजूरों के साथ तरबूज़ खाया करते थे। तिरमिज़ी। इमाम अबू-दाऊद ने ये बढ़ोतरी नक़ल की
है : आपﷺ फ़रमाया
करते थे : उसकी हरारत उसकी ठंडक से कम हो जाती और उसकी ठंडक उसकी
हरारत से कम हो जाती है। और इमाम तिरमिज़ी ने फ़रमाया : ये हदीस ग़रीब
है। तिरमिज़ी और अबू-दाऊद। (मिश्कात 4225
अल-सिलसिला 861)

